Tuesday, January 27, 2009
सोचो भाग्य किनका
सड़क किनारे बैठे बे लोग जो अपना भाग्य नही जानते सड़क से गुजर रहे हर आदमी का भाग्य देख कर उशकी तकदीर को पढ़ते है अगले पल आने बाले अतिक्रमण दस्ते की जानकारी इन्हे कभी अपना भाग्य देख कर नही लगती दरअसल इनके पास बे ही लोग आते है जोपहले से हिय तो अपनी खामियाना जानना चाहते है याफिर सिर्फ़ अपने बारे मैं अच्छा भाग्य किसका है बे दोनों ही नही जानते पर भरोसा ही काफी है
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